नवी मुंबई:
नवी मुंबई महानगरपालिका ने प्रॉपर्टी टैक्स (मालमत्ता कर) की बकाया वसूली के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मनपा प्रशासन का कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स ही महानगरपालिका के राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत है और इसी आय से शहर के नागरिकों को विभिन्न सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश और राज्य के अन्य बड़े शहरों की तुलना में नवी मुंबई में प्रॉपर्टी टैक्स की दर अपेक्षाकृत कम है, इसलिए नागरिकों को समय पर प्रॉपर्टी टैक्स, पानी पट्टी और अन्य करों का भुगतान करना चाहिए।
महानगरपालिका द्वारा नागरिकों को टैक्स भरने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है, इसके बावजूद कई संपत्ति धारकों द्वारा कर बकाया रखा गया है। मनपा के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में करीब 665 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है।
इस बीच 31 मार्च से पहले अधिकतम वसूली सुनिश्चित करने के लिए मनपा आयुक्त Dr. Kailas Shinde ने एक विशेष बैठक आयोजित कर प्रॉपर्टी टैक्स विभाग और सभी विभागीय कार्यालयों को वसूली अभियान तेज करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त Sunil Pawar, प्रॉपर्टी टैक्स विभाग के उपआयुक्त Dr. Amol Palwe, सह आयुक्तों सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
बैठक के दौरान आयुक्त ने शहर के सभी आठ विभागीय कार्यालयों द्वारा की गई वसूली की विस्तृत समीक्षा की और प्रत्येक विभाग को 31 मार्च तक वसूली का लक्ष्य निर्धारित कर दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे केवल कार्यालयों में बैठकर काम करने के बजाय सीधे क्षेत्र में जाकर बकायेदारों से संपर्क करें और वसूली अभियान को प्रभावी बनाएं।
मनपा प्रशासन ने बकाया प्रॉपर्टी टैक्स रखने वाले संपत्ति धारकों की विभागवार सूची तैयार कर उतरते क्रम में वर्गीकृत किया है, जिसे सभी विभागीय कार्यालयों को सौंप दिया गया है। जिन संपत्ति धारकों पर बड़ी रकम बकाया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे बकायेदारों की संपत्तियों पर जप्ती (सील या कुर्की) की कार्रवाई भी की जा सकती है।
इसके अलावा प्रशासन ने बकायेदारों की सूची विभिन्न मीडिया माध्यमों में प्रकाशित करने का भी निर्णय लिया है, ताकि नागरिकों को समय पर कर भुगतान के लिए प्रेरित किया जा सके।
