टिलक नगर में कैंटीन संचालक से रंगदारी, दोनों गिरफ्तार
“प्रोटेक्शन मनी” के नाम पर 2 लाख की मांग,कई महीनों से वसूल रहे थे 30-30 हजार रुपये
रेल नीर का ठेका रद्द करने की उठी मांग
मुंबई |मुंबई के टिळक नगर इलाके में एक कैंटीन संचालक से रंगदारी मांगने और मारपीट करने का मामला सामने आया है। टिळक नगर पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर एक को गिरफ्तार कर लिया है जब की दूसरे की तलाश जारी है | सूत्रों की माने तो हप्ता वसूली करने वाला रेल नीर का ठेकेदार है ऐसे मे रेलवे के ही कैंटीन वालों से पैसे वसूल किए जाने का मामला सामने आने पर उनका ठेका रद्द करने की मांग भी उठने लगी है |
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता शिवप्रकाश रामलखन यादव (37) टिळक नगर रेलवे स्टेशन के पास कैंटीन चलाते हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच दो स्थानीय लोगों ने उनसे “प्रोटेक्शन मनी” के नाम पर बार-बार पैसों की मांग की।जिसमे से एक लाख रुपए देने के बाद महिना 30 - 30 हजार वसूल कर रहे थे | लेकिन एक बार फिर प्रोटेक्शन मनी दो लाख और हप्ता बढ़ाकर देने से इंकार किए जाने पर मारपीट कर दी गई |
2 लाख रुपये की मांग, हर महीने मांगा हफ्ता
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों सेतुरामानंद पिल्लई उर्फ सेतुभाई और सुभाष कांदर उर्फ सुभाषभाई ने कैंटीन चलाने के बदले पहले 2 लाख रुपये प्रोटेक्शन मनी और हर महीने 40 हजार रुपये देने का दबाव बनाया। आरोप है कि डर के कारण पीड़ित ने पहले 1 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए और बाद में कई महीनों तक हर महीने 30 हजार रुपये दिए।
पैसे देने से इनकार पर मारपीट और धमकी
पीड़ित के अनुसार, फरवरी 2026 में जब उसने और पैसे देने से मना किया तो आरोपियों ने उसे टिळक नगर इलाके में बुलाकर कथित रूप से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद हफ़्ताख़ोरी की कई शिकायतें आ रही हैं बाहर
जानकारी के अनुसार रेल नीर व्यवसाय में पार्टनर मुकेश मिश्रा नामक व्यक्ति के साथ भी मारपीट के बाद धोखाधड़ी कर चुका है सेतुरमन पिल्लई और उसके गुर्गे. प्रोटेक्शन मनी नहीं देने पर दादागिरी कर मुकेश मिश्रा का धंधा हथिया लिया गया जिसके बाद मुकेश गाँव चले गए लेकिन डर के कारण मुकेश ने शिकायत नहीं किया.टिळक नगर पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 352, 351(3), 308(5), 3(5) और 115(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस उपनिरीक्षक मयूर सुलेपाटिल को मामले की जांच सौंपी गई है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।
