नवी मुंबई :
नवी मुंबई के विद्या भवन सोसायटी में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया। कोपरखैरने सेक्टर-2 के प्लॉट नंबर 12 पर स्थित इस इमारत में शाम करीब 5:20 बजे अचानक स्लैब गिरने से हड़कंप मच गया। हादसे के समय तल्ले (ग्राउंड फ्लोर) पर घरगुती क्लास चल रहा था। इसी दौरान पहली मंजिल का स्लैब अचानक नीचे गिर पड़ा, जिससे क्लास में मौजूद छात्र-छात्राएं और शिक्षिका मलबे के नीचे दब गए।
घटना की जानकारी मिलते ही नवी मुंबई फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। वाशी, कोपरखैरने और ऐरोली से दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया। अग्निशमन विभाग के जवानों ने तेजी से मलबा हटाते हुए अंदर फंसे बच्चों और शिक्षिका को बाहर निकालने का काम किया।
बचाव अभियान के दौरान कुल 12 छात्रों और एक शिक्षिका को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे में घायल हुए चार से पांच छात्रों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार भी दिया।
इस हादसे में मनीष मसे (14) नामक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे तुरंत इलाज के लिए वाशी महानगरपालिका अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है और स्थानीय नागरिकों में गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है।
बचाए गए छात्रों में सिद्धांत गुप्ता (8), प्रिन्स सोनी (11), आयशा, कुसुम (15), निष्का धनवाडे (14), आराध्या बोडसे (14), तन्वी श्रीवास्तव (7), देवांश पुजारी (12), राजदीप वानखेडे (10), पार्थ खैरनार (14) और रुद्र येलूरकर (5) का समावेश है। इसके अलावा क्लास की शिक्षिका शामली चौधरी (53) को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
हादसे के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए इलाके को घेर लिया और भीड़ को दूर रखने का प्रयास किया, ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार जिस इमारत में क्लास चल रहा था, वह काफी पुरानी बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इमारत की हालत को लेकर पहले भी चिंता जताई गई थी। इस हादसे के बाद इमारतों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासन की ओर से फिलहाल पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि स्लैब गिरने के पीछे असली वजह क्या थी, इसकी तकनीकी जांच की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कहीं निर्माण में लापरवाही या रखरखाव की कमी तो इस हादसे का कारण नहीं बनी।
इस दुखद हादसे ने नवी मुंबई में इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पुराने और जर्जर भवनों की तुरंत जांच कर आवश्यक मरम्मत या कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
