पनवेल : पनवेल पालिका की आम चुनाव प्रक्रिया के बाद महापौर और उपमहापौर के चयन के पश्चात अब 6 मार्च को स्वीकृत नगरसेवकों तथा स्थायी समिति और महिला एवं बाल कल्याण समिति के सदस्यों की घोषणा कर दी गई। यह घोषणा पनवेल के आद्य क्रांतिवीर वासुदेव बळवंत नाट्यगृह में आयोजित मनपा की सामान्य सभा में की गई। इस बैठक की अध्यक्षता महापौर नितीन पाटील ने की।
बैठक में उपमहापौर प्रमिला पाटील, आयुक्त मंगेश चितळे, अतिरिक्त आयुक्त गणेश शेट्ये, सचिव नानासाहेब कामठे समेत बड़ी संख्या में नगरसेवक उपस्थित थे।
पनवेल पालिका में भाजपा महायुति के कुल 59 नगरसेवक चुने जाने के कारण बहुमत के आधार पर स्वीकृत नगरसेवकों के पांच पद महायुति के खाते में गए। वहीं शेकाप-कांग्रेस गठबंधन और उबाठा गुट को एक-एक पद दिया गया।
भाजपा महायुति की ओर से युवा नेता परेश ठाकूर, एडवोकेट प्रथमेश सोमण, गणेश कडू, डॉ. अरुणकुमार भगत और दिनेश खानावकर को स्वीकृत नगरसेवक घोषित किया गया। वहीं शेकाप-कांग्रेस गुट से प्रकाश म्हात्रे और उबाठा गुट से नितीन गावंड को स्वीकृत पार्षद बनाया गया।
संख्याबल के आधार पर स्थायी समिति और महिला एवं बाल कल्याण समिति में भी सीटों का बंटवारा किया गया। स्थायी समिति में महायुति को 12, शेकाप-कांग्रेस गुट को 3 और उबाठा गुट को 1 सदस्य का प्रतिनिधित्व मिला।
स्थायी समिति में भाजपा महायुति की ओर से प्रवीण पाटील, मधू पाटील, समीर कदम, बबन मुकादम, रविंद्र भगत, विजय खानावकर, हेमलता गोवारी, रविंद्र जोशी, राजेश्री वावेकर, एडवोकेट मनोज भुजबळ, रुचिता लोंढे और अजय बहिरा को सदस्य बनाया गया। वहीं शेकाप-कांग्रेस गुट से अरविंद म्हात्रे, हरेश केणी और तुषार पाटील को जगह मिली, जबकि उबाठा गुट से प्रिया गोवारी को सदस्य नियुक्त किया गया।
महिला एवं बाल कल्याण समिति में भाजपा महायुति से लीना म्हात्रे, अनिता पाटील, सोनल नवघरे, बायजा बारगजे, प्रतिभा भोईर, सरस्वती काथारा, शिला भगत, कुसुम पाटील, अस्मिता घरत, ममता म्हात्रे, रुचिता लोंढे और प्रियंका कांडपिळे को सदस्य बनाया गया। वहीं शेकाप-कांग्रेस गुट से योगिता फडके, मनिषा म्हात्रे और अर्चना भोईर को शामिल किया गया, जबकि उबाठा गुट से मेघना घाडगे को सदस्य बनाया गया।
इस बीच महाविकास आघाड़ी में भी मतभेद खुलकर सामने आए। जानकारी के अनुसार लीना गरड के नेतृत्व में उबाठा गुट ने महाविकास आघाड़ी से दूरी बना ली, जिससे राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं ने जन्म ले लिया है।
सभा के दौरान कुछ मुद्दों को लेकर विपक्ष की ओर से हंगामा भी हुआ। शेकाप के पार्षद अरविंद म्हात्रे ने सदन के नेता और विपक्ष के नेता के चयन को लेकर नियमों पर सवाल उठाए। हालांकि सचिव ने कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि कार्यसूची पूरी तरह वैध है।
इसी दौरान महापौर नितीन पाटील ने अरविंद म्हात्रे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आप हमेशा विपक्ष में ही रहना चाहते हैं।” इस बयान के बाद कुछ समय के लिए सदन में तीखी बहस देखने को मिली।
