नवी मुंबई। नवी मुंबई महानगरपालिका की सर्वसाधारण सभा में आज कई अहम निर्णय लिए गए, जिनमें अधिकारियों के रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने, पानीपट्टी बकाया पर राहत योजना लागू करने और शहर में चूहों के बढ़ते उपद्रव को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा पालिका अधिकारियों के रिटायरमेंट की उम्र 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने का प्रस्ताव। इससे पहले इस प्रस्ताव को राज्य के नगर विकास विभाग ने अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया था। इसके बावजूद महापौर सुजाता पाटील की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभागृह नेता सागर नाईक ने सरकार के निर्णय के अधीन रहते हुए इस प्रस्ताव को लागू करने का ठराव पेश किया, जिसे बहुमत से मंजूरी दे दी गई।
सागर नाईक ने बैठक में कहा कि आने वाले कुछ वर्षों में करीब 500 अधिकारी और कर्मचारी रिटायर होने वाले हैं, जिनमें मुख्य वैद्यकीय अधिकारी और उपनगर अभियंता जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। ऐसे में अनुभवी अधिकारियों की कमी से प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने प्रस्ताव को सिर्फ स्थगित किया है, रद्द नहीं किया है, इसलिए भविष्य में इसमें बदलाव संभव है। यदि राज्य सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का विकल्प भी खुला रखा जाएगा।
इस मुद्दे पर आयुक्त द्वारा प्रस्ताव को सरकार के पास भेजने के निर्णय पर भी सवाल उठाए गए। नाईक ने इसे गलत व्याख्या बताते हुए कहा कि यह निर्णय स्थानीय स्तर पर ही लागू किया जा सकता था।
पानीपट्टी बकाया पर बड़ी राहत: 90% जुर्माना माफ
महानगरपालिका ने पानीपट्टी की बकाया वसूली के लिए “अभय योजना” लागू करने का भी फैसला लिया है। वर्तमान में करीब 64 करोड़ रुपये की बकाया राशि है, जिसमें से 20 करोड़ रुपये सिर्फ जुर्माने के रूप में हैं। इस योजना के तहत बकाया पर लगने वाले दंड में 90% तक की छूट दी जाएगी, जिससे अधिक से अधिक नागरिक बकाया भरने के लिए आगे आएंगे, ऐसा विश्वास व्यक्त किया गया।
मूषक नियंत्रण के लिए हाई-टेक उपाय
शहर में बढ़ते मूषक (चूहों) के उपद्रव को नियंत्रित करने के लिए चल रही विशेष अभियान को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान में अब आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे समस्या पर अधिक प्रभावी तरीके से काबू पाया जा सके।
पर्यावरण नीति जून-जुलाई से लागू
नवी मुंबई को प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से “जीरो डस्ट पॉलिसी” और व्यापक पर्यावरण नीति को भी मंजूरी दी गई है। इस नीति को जून-जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा, जिससे शहर में प्रदूषण नियंत्रण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
