मुंबई। भांडुप इलाके में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। एक निर्माणाधीन इमारत में स्लैब डालने के दौरान अचानक उसका सहारा ढांचा (सेंट्रिंग) भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त वहां मौजूद 11 युवक करीब 25 से 30 फीट नीचे गहरे गड्ढे में जा गिरे, जिससे एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत की पहली मंजिल पर स्लैब डालने की तैयारी चल रही थी। लोहे की सरिया और लकड़ी के सहारे बनाए गए ढांचे पर अचानक अत्यधिक वजन पड़ गया, जिससे पूरा स्ट्रक्चर अचानक ढह गया। देखते ही देखते ऊपर खड़े सभी युवक नीचे गिर पड़े और घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हादसे में घायल हुए युवक पास में चल रहे एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। बताया जा रहा है कि किसी कारणवश वे निर्माणाधीन इमारत के भीतर चले गए थे। हालांकि वे वहां क्यों पहुंचे, यह अभी भी जांच का विषय बना हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया और सभी घायलों को मलबे से निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है। संबंधित ठेकेदार और साइट मैनेजमेंट की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया जाता, जिससे इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी, घटिया सामग्री का इस्तेमाल और निगरानी की कमी ऐसे हादसों को जन्म देती है। यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि तेजी से हो रहे शहरी विकास के बीच सुरक्षा को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
