नवी मुंबई। नवी मुंबई क्षेत्र के मछुआरा समाज की विभिन्न समस्याओं, खाड़ी किनारे बसे गांवों के विकास, मछली व्यवसाय से जुड़े परिवारों की परेशानियों और सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मछुआरा समुदाय तक पहुंचाने को लेकर सातपाटी मछुआरा संघ के पदाधिकारियों ने नवी मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय में उपमहापौर दशरथ भगत से मुलाकात की। उपमहापौर कक्ष में हुई बैठक में मछुआरा समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मछुआरों के अधिकारों की रक्षा, उनकी स्थानीय समस्याओं का समाधान, सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने तथा खाड़ी किनारे बसे गांवों के सर्वांगीण विकास का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। उपमहापौर दशरथ भगत ने आश्वासन दिया कि मछुआरा समाज की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक सहयोग किया जाएगा। साथ ही राज्य के वन मंत्री गणेश नाईक से चर्चा कर संबंधित समस्याओं को हल कराने के लिए आवश्यक स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
नवी मुंबई के खाड़ी किनारे बसे गांवों में रहने वाले छोटे मछुआरों, मछली व्यवसाय पर निर्भर परिवारों और मछली बेचने वाली महिलाओं की समस्याओं पर भी विशेष चर्चा हुई। छोटी मछुआरा संस्थाओं और सहकारी समितियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ नई सरकारी योजनाओं और नीतियों का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
मछली बेचने वाली महिलाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, उनके व्यवसाय को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण देने और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए विशेष प्रयास करने की मांग भी सामने रखी गई। इसके अलावा मछुआरा बंदरगाह, बुनियादी सुविधाओं और खाड़ी किनारे के गांवों में होने वाले आगामी विकास कार्यों में मछुआरा समुदाय की जरूरतों और हितों को प्राथमिकता देने की मांग की गई।
सातपाटी मछुआरा संघ के पदाधिकारियों ने आग्रह किया कि इन सभी मुद्दों को वन मंत्री गणेश नाईक के समक्ष रखकर आवश्यक सहयोग दिलाया जाए। बैठक में मछुआरा नेता राजेंद्र मेहर, सातपाटी मछुआरा सहकारी संस्था के चेयरमैन विनोद नाईक, संचालक अनिल चौधरी, संचालक दिलीपकुश तांडेल तथा मछुआरा समाजसेवक जयेश आक्रे उपस्थित रहे।
