घटना की जानकारी मिलते ही अग्निशमन दल की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और तत्काल बचाव एवं खोज अभियान शुरू किया। झरने में पानी का तेज बहाव होने के बावजूद टीम ने काफी मशक्कत के बाद तलाशी अभियान चलाया। करीब 10 से 12 फीट गहराई में प्रणव एक चट्टान की दरार में फंसा हुआ मिला।
रेस्क्यू टीम ने कड़ी मेहनत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
पांडवकडा झरने में बारिश के मौसम के दौरान पानी का बहाव बेहद तेज हो जाता है, इसके बावजूद बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। इस घटना ने एक बार फिर पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच झरने के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा अनियंत्रित प्रवेश पर रोक लगाने की मांग तेज हो गई है।
प्रशासन से अपील की जा रही है कि ऐसे खतरनाक पर्यटन स्थलों पर सख्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
