नवी मुंबई: शहर में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नवी मुंबई महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग की ओर से 17 से 22 अगस्त तक विशेष रासायनिक धुरीकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य मच्छरों के प्रजनन को नियंत्रित करना और डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों के खतरे को कम करना है।
महापालिका आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे के मार्गदर्शन में तथा वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी डॉ. राजेश म्हात्रे और सहायक आरोग्य अधिकारी डॉ. रत्नप्रभा चव्हाण की योजना के अनुसार अभियान को विभिन्न क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा है। 17 अगस्त को सीबीडी, वाशीगांव और दिघा के नागरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में धुरीकरण किया गया। अभियान की निगरानी संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य सहायकों द्वारा की जा रही है।
अभियान के दूसरे दिन, 18 अगस्त को सेक्टर-48, कुकशेत, पावणे और घणसोली क्षेत्रों में विशेष धुरीकरण किया गया। नवी मुंबई की महापौर सुजाता सुरज पाटील ने कुकशेत क्षेत्र में पहुंचकर अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। वहीं, एफ प्रभाग समिति अध्यक्ष ललिता घनश्याम मढवी ने घणसोली क्षेत्र में धुरीकरण अभियान का जायजा लिया।
महानगरपालिका के अनुसार, 19 अगस्त को करावे, नेरुल-2, तुर्भे, नोसीलनाका और कातकरीपाड़ा क्षेत्रों में, 20 अगस्त को शिरवणे, सानपाड़ा और इलठणपाड़ा में, 21 अगस्त को नेरुल-1, जुहुगांव, महापे और चिंचपाड़ा में तथा 22 अगस्त को इंदिरानगर, खैरणे, राबाडा और ऐरोली क्षेत्रों में विशेष धुरीकरण अभियान चलाया जाएगा।
महापालिका स्वास्थ्य विभाग की ओर से धुरीकरण के साथ-साथ अन्य आवश्यक मच्छर प्रतिबंधात्मक उपाय भी किए जा रहे हैं। महापौर सुजाता पाटील ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें तथा ऐसे स्थानों पर विशेष ध्यान दें, जहां मच्छरों की लार्वा पनपने की संभावना हो। प्रशासन ने नागरिकों से मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम में सहयोग करने का भी आह्वान किया है।
