ठाणे। ठाणे जिले के नागरिकों को प्रशासनिक स्तर पर बड़ी राहत मिलने जा रही है। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने घोषणा की कि ठाणे में जल्द ही नया अतिरिक्त जिलाधिकारी कार्यालय और दो नए तहसील कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ठाणेकरों की संपत्ति और उनके कानूनी अधिकारों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
गडकरी रंगायतन के सामने स्थित शिवसमर्थ विद्यालय में आयोजित ‘छत्रपति शिवाजी महाराज महाराजस्व समाधान शिविर’ में बोलते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि इस अभियान के तहत ठाणे जिले के करीब 76 हजार परिवारों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन और राजस्व विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान लोकाभिमुख और गतिशील प्रशासन का बेहतर उदाहरण है।
इस अवसर पर मंत्री बावनकुले ने बताया कि राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों को एक साथ लाकर आम नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है। अभियान के तहत राजस्व विभाग के साथ महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, कृषि, खेल, पशुसंवर्धन और आदिवासी विकास विभागों ने भी भागीदारी की।
ठाणे और पालघर क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले
राजस्व मंत्री ने ठाणे और पालघर क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि कल्याण-अंबरनाथ क्षेत्र में कृषि उपज बाजार समिति और मल्टी-मॉडल हब के लिए भूमि उपलब्ध कराने के साथ ही वाढवण बंदरगाह से जुड़े प्रकल्पों के लिए भी राजस्व विभाग की ओर से जमीन उपलब्ध कराई गई है। पर्यावरण संरक्षण के लिए 73.73 एकड़ भूमि कांदळवन क्षेत्र के लिए उपलब्ध कराने, ठाणे में एग्री-यूनिट और कन्वेंशन सेंटर, बीएसएनएल के 60 टावरों के लिए भूमि, अंबरनाथ में सरकारी मेडिकल कॉलेज और नवोदय विद्यालय सहित विभिन्न परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी गई।
मीरा-भायंदर क्षेत्र में एमटीपी प्लांट और कोस्टल रोड के लिए 25 एकड़ भूमि देने का निर्णय भी बताया गया। इसके अलावा मीरा-भायंदर की 318 एकड़ और पिंपरी की 13 एकड़ जमीन को ‘वर्ग-2’ का दर्जा देकर झोपड़पट्टी विकास और सरकारी जमीनों के संरक्षण की दिशा में कदम उठाए गए हैं। वहीं, 268 कर्मचारियों की अनुकंपा आधार पर भर्ती का लंबित मुद्दा भी हल किए जाने की जानकारी दी गई।
छोटे प्लॉट मालिकों और संपत्ति धारकों को राहत का दावा
मंत्री बावनकुले ने कहा कि गैर-कृषि (NA) अनुमति से जुड़ी शर्तों को समाप्त करने और तुकड़ेबंदी कानून में बदलाव जैसे निर्णयों से नागरिकों को राहत मिलेगी। उनके अनुसार, 15 अक्टूबर 2023 से पहले ठाणे में बनाए गए छोटे प्लॉटों से जुड़े करीब एक लाख परिवारों को कानूनी अधिकार मिलने का रास्ता साफ होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि 1 जनवरी 2011 से पहले सरकारी जमीन पर मौजूद घरों को पट्टे देकर नियमित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। आगामी दिसंबर अधिवेशन में राज्य के फ्लैटधारकों को उनके अधिकार का ‘प्रॉपर्टी कार्ड’ देने और आधुनिक Land Titling Act लाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेने की बात भी उन्होंने कही। इससे जमीन और संपत्ति से संबंधित रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई।
नागरिकों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
समाधान शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के 20 से अधिक स्टॉल लगाए गए थे। राजस्व मंत्री ने इन स्टॉलों का निरीक्षण किया और नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली। शिविर में पहुंचे नागरिकों से उनकी समस्याओं और शिकायतों के लिखित आवेदन भी स्वीकार किए गए। संबंधित अधिकारियों को इन मामलों पर जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने बताया कि अभियान के पहले चरण में जिले के 76 हजार लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया। उन्होंने कहा कि जिले के सभी 18 विधानसभा क्षेत्रों में अभियान को प्रभावी तरीके से लागू किया गया है। आदिवासी नागरिकों को 7/12 उतारा उपलब्ध कराने और 5 ब्रास मुफ्त रेत वितरण जैसे निर्णयों को भी प्रभावी रूप से लागू किए जाने की जानकारी उन्होंने दी।
कार्यक्रम में विधायक संजय केळकर, मंदाताई म्हात्रे, निरंजन डावखरे, विक्रांत पाटील, माधवी नाईक, रविंद्र फाटक, किसन कथोरे, कुमार आयलानी, ठाणे महानगरपालिका के उपमहापौर कृष्णा पाटील, जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजीत यादव, अपर जिलाधिकारी हरिश्चंद्र पाटील, निवासी उपजिलाधिकारी डॉ. संदीप माने सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर ‘सामाजिक अर्थसहाय्य योजना’, ‘वनहक्क कानून’ और ‘गौण खनिज नियम’ से संबंधित तीन महत्वपूर्ण सूचना पुस्तिकाओं का भी विमोचन किया गया। विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र और दस्तावेज वितरित किए गए। कार्यक्रम के सफल आयोजन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का सम्मान भी किया गया।
