नवी मुंबई। ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26’ के तहत नवी मुंबई महानगरपालिका की ओर से ‘सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ’ अभियान के माध्यम से नागरिकों में स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरण किया जा रहा है। इस अभियान में लोकसहभागिता के साथ स्कूली विद्यार्थियों को भी सक्रिय रूप से जोड़ा जा रहा है, ताकि बच्चों के माध्यम से स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश घर-घर तक पहुंचाया जा सके।
इसी अभियान के अंतर्गत नवी मुंबई महानगरपालिका स्कूल क्रमांक 115, सेक्टर-15, वाशी और नमुंमपा स्कूल, सेक्टर-20, नेरूल गांव में विशेष जनजागृति कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को कचरा वर्गीकरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा कचरे का उचित तरीके से निपटारा करने के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्वास्थ्य से जुड़ी अच्छी आदतों के साथ ही मानसून के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे अपने घरों में कचरा वर्गीकरण सुनिश्चित करें और अपने परिवार के सदस्यों तथा आसपास के लोगों को भी कचरा अलग-अलग करने के फायदे समझाकर इसके लिए प्रोत्साहित करें।
विद्यार्थियों के जरिए घर-घर पहुंचेगा स्वच्छता का संदेश
अभियान के तहत विद्यार्थियों को स्वच्छता का दूत बनाकर जनभागीदारी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि यदि बच्चों में कम उम्र से ही स्वच्छता, कचरा वर्गीकरण और स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित की जाए, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ सकता है।
‘कैच द रेन’ के जरिए जल संरक्षण का संदेश
स्वच्छता अभियान के साथ-साथ बारिश के पानी के संरक्षण को लेकर भी जनजागृति कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से नागरिकों और विद्यार्थियों को वर्षा जल संचयन के महत्व की जानकारी दी गई।
घणसोली सेक्टर-7 स्थित नवी मुंबई महानगरपालिका स्कूल क्रमांक 76 की जमनाबाई जनार्दन मढवी स्कूल तथा ऐरोली सेक्टर-17 और विसावा सोसायटी, घणसोली के जिजामातानगर क्षेत्र में भी जल संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए।
इस दौरान नागरिकों और विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि पीने योग्य पानी को अनावश्यक रूप से बर्बाद नहीं करना चाहिए। इसके विकल्प के रूप में बारिश के पानी को संग्रहित किया जा सकता है। घरों की छतों पर गिरने वाले वर्षा जल को पाइप के माध्यम से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग टैंक में जमा करने की जानकारी दी गई।
वृक्षारोपण से बढ़ेगा जल संरक्षण
कार्यक्रम के दौरान वृक्षारोपण के महत्व पर भी जोर दिया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि अधिक से अधिक पेड़ लगाने से बारिश का पानी जमीन में रिसने और भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलती है। पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए नागरिकों से भी सक्रिय भागीदारी की अपील की गई।
स्वच्छ और जलसमृद्ध नवी मुंबई बनाने पर जोर
नवी मुंबई की महापौर श्रीमती सुजाता पाटील के मार्गदर्शन और आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे के निर्देशानुसार ‘सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ’ अभियान के तहत विभिन्न स्वच्छता एवं जनजागृति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अतिरिक्त आयुक्त सुनील पवार, वैद्यकीय स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश म्हात्रे और घनकचरा व्यवस्थापन विभाग के उपआयुक्त डॉ. अजय गडदे के नियंत्रण में अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।
महानगरपालिका की ओर से चलाए जा रहे इन कार्यक्रमों में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ नवी मुंबई के भविष्य के नागरिक माने जाने वाले विद्यार्थियों में स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और जल बचत के संस्कार विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन का उद्देश्य केवल स्वच्छता अभियान तक सीमित न रहकर नागरिकों को कचरा वर्गीकरण, स्वस्थ जीवनशैली, वर्षा जल संचयन और वृक्षारोपण जैसे विषयों के प्रति जिम्मेदार बनाना है। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से यह संदेश आने वाले दिनों में और अधिक लोगों तक पहुंचने की उम्मीद है।
