ठाणे। मुंब्रा के रशीद कम्पाउंड इलाके में नशे के बढ़ते कथित प्रचलन को लेकर स्थानीय नागरिकों में चिंता का माहौल है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में पुलिस की सख्ती और सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों की ओर से चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियानों के बावजूद कुछ असामाजिक तत्व खुलेआम नशीले पदार्थों का सेवन करते नजर आ रहे हैं। इससे इलाके में रहने वाले नागरिकों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पापा का नाका के समीप स्थित शीरीन अपार्टमेंट के पीछे का इलाका शाम होते ही कथित तौर पर कुछ युवकों का जमावड़ा बन जाता है। बारिश के दौरान छाते की आड़ लेकर कुछ लोगों द्वारा नशा किए जाने का दावा भी स्थानीय नागरिकों ने किया है। इस संबंध में एक वीडियो भी स्थानीय स्तर पर वायरल होने की बात सामने आई है, जिसे लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
निवासियों का कहना है कि शाम के समय यहां कुछ युवक जमा होते हैं और कथित रूप से नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस तरह की गतिविधियों के कारण आसपास के लोगों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। महिलाओं और बच्चों को इस रास्ते से गुजरते समय परेशानी होने का आरोप भी लगाया गया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों का दावा है कि इस संबंध में पुलिस प्रशासन को पहले भी कई बार जानकारी दी गई है। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद इलाके में अपेक्षित स्तर पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। इसके चलते कथित रूप से नशे का सेवन करने वालों के हौसले बढ़ रहे हैं और स्थानीय लोगों में भय एवं असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
निवासियों ने पुलिस प्रशासन से रशीद कम्पाउंड और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने और यदि जांच में नशीले पदार्थों का सेवन या अवैध कारोबार पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही नागरिकों ने प्रशासन से क्षेत्र में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की भी अपील की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे की समस्या केवल पुलिस कार्रवाई से खत्म नहीं होगी, बल्कि इसके लिए पुलिस, प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों को मिलकर प्रयास करना होगा। अब देखना यह है कि स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के बाद पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और रशीद कम्पाउंड क्षेत्र में कथित नशे की गतिविधियों पर किस तरह अंकुश लगाया जाता है।
