नवी मुंबई। छात्रों में बढ़ते तनाव, हाइपरटेंशन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए मॉडर्न कॉलेज ने विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। कॉलेज ने विश टू केयर वेलनेस के सहयोग से ‘कवच हेल्थ कार्ड’ लॉन्च किया है। इस पहल के जरिए छात्रों को स्वास्थ्य सुविधाओं, मानसिक परामर्श और आपातकालीन सहायता के साथ-साथ दुर्घटना सुरक्षा का लाभ भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
‘कवच हेल्थ कार्ड’ के उद्घाटन समारोह में मॉडर्न कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. शुभदा नायक, डॉ. सुधाकर पाठक, विश टू केयर वेलनेस के सीईओ डॉ. शुभम पाठक, को-सीईओ डॉ. महावीर जैन, डॉ. अश्विनी पांडे, डॉ. नेहा पाठक, डॉ. कपिल पाटिल, डॉ. श्वेता तिवारी, साइकोलॉजिस्ट प्राची मिश्रा, मुनीर शेख सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस पहल के तहत छात्रों को मानसिक तनाव और व्यक्तिगत समस्याओं से निपटने के लिए काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर भी नियमित रूप से नजर रखने की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
विश टू केयर वेलनेस के सीईओ डॉ. शुभम पाठक ने बताया कि ‘कवच हेल्थ कार्ड’ से जुड़े ऐप के माध्यम से छात्रों के स्वास्थ्य की निगरानी करने में मदद मिलेगी। कॉलेज परिसर में किसी छात्र के साथ स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति उत्पन्न होने पर उसे जल्द से जल्द इमरजेंसी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
वहीं, को-सीईओ डॉ. महावीर जैन ने बताया कि इस पहल में छात्रों की दुर्घटना संबंधी सुरक्षा को भी शामिल किया गया है। कॉलेज से घर आने-जाने के दौरान किसी दुर्घटना की स्थिति में पात्र छात्रों को दो लाख रुपये तक का एक्सीडेंटल सुरक्षा कवर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
कॉलेज प्रशासन का मानना है कि विद्यार्थियों के बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए उनका मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से ‘कवच हेल्थ कार्ड’ के जरिए छात्रों को एक ऐसा सुरक्षित और तनावमुक्त वातावरण देने का प्रयास किया जा रहा है, जहां उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानी या आपात स्थिति में समय पर सहायता मिल सके।
इस पहल से छात्रों और उनके अभिभावकों को भी स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त भरोसा मिलने की उम्मीद है। कॉलेज की यह पहल विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण और सुरक्षा को एक साथ जोड़ते हुए उनके समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
