नवी मुंबई | नवी मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की मानव तस्करी निरोधक इकाई (Anti Human Trafficking Unit) ने तळोजा क्षेत्र में चल रहे एक देह व्यापार के रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक लॉज पर छापेमारी कर देह व्यापार में धकेली गई 9 महिलाओं को सुरक्षित मुक्त कराया, जबकि इस अवैध धंधे में शामिल लॉज मैनेजर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, अपराध शाखा को गुप्त सूचना मिली थी कि तळोजा स्थित एक लॉज में महिलाओं को अवैध रूप से रखकर उनसे देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए मानव तस्करी निरोधक इकाई ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। सबसे पहले पुलिस ने एक बोगस (नकली) ग्राहक को लॉज में भेजा ताकि सूचना की पुष्टि की जा सके। जैसे ही ग्राहक ने तय संकेत दिया, पहले से तैयार पुलिस टीम ने लॉज पर छापा मार दिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस को वहां 9 महिलाएं मिलीं, जिन्हें कथित रूप से देह व्यापार के लिए मजबूर किया जा रहा था। पुलिस ने सभी महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकालकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और उन्हें पुनर्वास एवं सहायता के लिए संबंधित विभाग के सुपुर्द कर दिया।
जांच में सामने आया कि लॉज मैनेजर बलराम नंजय गौड़ा, वेटर गिरीश शेखर पुजारी तथा कृष्णराज रितेशकुमार पाटील ग्राहकों से पैसे लेकर महिलाओं को उपलब्ध कराते थे। आरोपियों ने लॉज को अवैध देह व्यापार के अड्डे के रूप में इस्तेमाल किया था।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस रैकेट का संचालन कब से किया जा रहा था तथा इसके पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
अपराध शाखा की एसीपी प्रेरणा कट्टे ने बताया कि मानव तस्करी और देह व्यापार के खिलाफ नवी मुंबई पुलिस लगातार अभियान चला रही है। ऐसे मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ित महिलाओं को हरसंभव कानूनी सहायता एवं पुनर्वास उपलब्ध कराया जाएगा।
पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
