नवी मुंबई। ऐरोली स्थित नाट्यगृह में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शनिवार (4 जुलाई 2026) को नवी मुंबई महानगरपालिका (मनपा) के संबंधित विभाग द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान नाट्यगृह परिसर के अंदर विभिन्न स्थानों पर शराब की खाली बोतलें मिलीं। इस घटना ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों, निगरानी व्यवस्था और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले अभिनेता एवं भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ, नवी मुंबई जिला प्रभारी सुनील पगार ने नाट्यगृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महापौर और मनपा आयुक्त को ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद मनपा प्रशासन ने दावा किया था कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। इन्हीं दावों की समीक्षा के लिए शनिवार को निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण में मनपा के स्थापत्य विभाग के उप अभियंता जितेंद्र नाईक, कनिष्ठ अभियंता धनेश चव्हाण, विद्युत विभाग के अधिकारी, सेफ्टी ऑफिसर तथा मनपा एवं ठेकेदार के प्रतिनिधि मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान सुनील पगार ने अधिकारियों का ध्यान नाट्यगृह के भीतर अलग-अलग स्थानों पर पड़ी शराब की खाली बोतलों की ओर आकर्षित किया। अधिकारियों के सामने यह मामला आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे।
सुनील पगार ने कहा कि कुछ समय पहले नाट्यगृह में आग लगने जैसी गंभीर घटना हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद मनपा आयुक्त ने अब तक स्थल का दौरा नहीं किया। उन्होंने मांग की कि आयुक्त स्वयं मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करें और संबंधित विभाग व ठेकेदार को निर्माण कार्य सुरक्षित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देश दें।
भाजपा महामंत्री, पूर्व नगरसेवक एवं पूर्व स्थायी समिति सभापति अनंत सुतार ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल के भीतर शराब की बोतलें मिलना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। मनपा प्रशासन और ठेकेदार को श्रमिकों की सुरक्षा तथा परिसर की निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
सुनील पगार ने यह भी कहा कि निरीक्षण के दौरान श्रमिक सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करते दिखाई दिए, लेकिन परिसर में शराब की बोतलों की मौजूदगी सुरक्षा दावों पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि भविष्य में कोई श्रमिक नशे की हालत में काम करते हुए दुर्घटना का शिकार होता है, तो इसकी जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा। उन्होंने मनपा आयुक्त से तत्काल हस्तक्षेप कर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई तथा सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त बनाने की मांग की।
फिलहाल इस मामले ने ऐरोली नाट्यगृह के निर्माण कार्य की निगरानी, श्रमिक सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। स्थानीय नागरिकों का भी मानना है कि सार्वजनिक परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
