नवी मुंबई: नवी मुंबई के ऐरोली क्षेत्र से एक चर्चित मामला सामने आया है, जहां दुष्कर्म के दर्ज मामले को वापस लेने के बदले 30 लाख रुपये की कथित रंगदारी मांगने के आरोप में रबाले पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने अपनी एक महिला सहयोगी के साथ मिलकर शिकायत वापस लेने के एवज में बड़ी रकम की मांग की थी। मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाल रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान कुलदीप देवमाने के रूप में हुई है। उसकी महिला सहयोगी फिलहाल फरार है और उसकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें सक्रिय हैं। इस पूरे मामले की कार्रवाई ऐरोली के शिवसेना के मनोनीत नगरसेवक एवं समाजसेवक साहिल चौगुले द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई।
शिकायत के मुताबिक, साहिल चौगुले के खिलाफ इससे पहले रबाले पुलिस थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया गया था। चौगुले ने शुरुआत से ही इन आरोपों को निराधार बताते हुए दावा किया था कि उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से उनके खिलाफ सुनियोजित साजिश रची गई है। उनका आरोप है कि दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने के बाद शिकायत वापस लेने के लिए उनसे 30 लाख रुपये की मांग की गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर पहले 22 जून 2026 को 50 हजार रुपये ऑनलाइन गूगल पे के माध्यम से प्राप्त किए। इसके बाद भी लगातार पैसे की मांग जारी रही। शिकायत मिलने के बाद रबाले पुलिस ने मामले की पुष्टि के लिए विशेष योजना तैयार की और आरोपियों पर निगरानी शुरू कर दी।
पुलिस के मुताबिक, 29 जून 2026 को ट्रैप बिछाया गया। इस दौरान आरोपी कुलदीप देवमाने कथित तौर पर 47 हजार रुपये स्वीकार कर रहा था, तभी पुलिस टीम ने उसे मौके पर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ रंगदारी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित साजिश में कितने लोग शामिल थे और क्या इस मामले के पीछे कोई संगठित ब्लैकमेलिंग गिरोह सक्रिय है। फरार महिला आरोपी की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस डिजिटल लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। सभी उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि दुष्कर्म से जुड़े मूल मामले की जांच और इस कथित रंगदारी प्रकरण की जांच अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं के तहत जारी है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें एक जनप्रतिनिधि, गंभीर आपराधिक आरोप और कथित ब्लैकमेलिंग का एंगल सामने आया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
