मुंबई।
महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने महायुति सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंच चुका है और जल्द ही चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों से जुड़े बड़े घोटालों का पर्दाफाश किया जाएगा।
नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान पटोले ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं के मुद्दे पर केवल दिखावा करती है और उनका महिलाओं के प्रति “कथित संवेदनशीलता” पूरी तरह से बनावटी है। पटोले ने याद दिलाया कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में संसद से सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, लेकिन उसकी वास्तविक अमलवाजी अब तक नहीं की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 16 अप्रैल को लोकसभा में पेश किया गया नया विधेयक देश को विभाजित करने वाला है, जिससे भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया है। पटोले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले इस विधेयक को लेकर अपनी उपलब्धि का ढिंढोरा पीटते थे, लेकिन अब विपक्ष को महिला विरोधी बताकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
“सरकार में मची है ‘मलाई खाने’ की होड़”
पटोले ने महायुति सरकार के भीतर ही अंदरूनी खींचतान और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि मंत्रियों के बीच “मलाई खाने की होड़” लगी हुई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी जमीन सौदों में बड़े पैमाने पर अवैध वसूली कर रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि इन अधिकारियों की पूरी फाइल मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मुद्दे को विधानसभा में उठाकर सरकार को घेरेंगे।
मराठी भाषा को लेकर सरकार पर सवाल
मुंबई में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के फैसले पर भी पटोले ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भाषा के नाम पर जबरदस्ती करना गलत है और इससे समाज में विभाजन पैदा होता है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह महाराष्ट्र आते हैं, तो क्या उनसे भी मराठी में भाषण देने के लिए कहा जाएगा?”
पटोले ने छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों का हवाला देते हुए कहा कि सभी भाषाओं, धर्मों और जातियों का सम्मान करना ही महाराष्ट्र की परंपरा रही है।
ट्रम्प के बयान पर भी साधा निशाना
पटोले ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दे को उठाते हुए कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत को लेकर दिए गए कथित अपमानजनक बयान पर भी केंद्र सरकार की चुप्पी सवालों के घेरे में है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के सम्मान की रक्षा नहीं की और वे इस मुद्दे पर चुप हैं। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की चुप्पी पर भी सवाल उठाया।
“जनता देगी जवाब”
अपने बयान के अंत में पटोले ने कहा कि सरकार के खिलाफ जनता में भारी नाराजगी है और आने वाले समय में इसका जवाब चुनावों में जरूर मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि महायुति सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों का मुद्दा बड़े स्तर पर उठाया जाएगा।
