नवी मुंबई।
मानसून की पहली ही बारिश ने मध्य रेलवे की तैयारियों की हकीकत सामने ला दी। नवी मुंबई में हुई तेज बारिश के कारण ट्रांस हार्बर लाइन पर कोपरखैरने और तुर्भे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी बह जाने से लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित हो गईं। इस घटना से सुबह के व्यस्त समय में हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, बारिश के कारण रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी खिसकने की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ समय के लिए ट्रांस हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेनों की आवाजाही धीमी कर दी गई, जबकि कुछ सेवाओं को अस्थायी रूप से रोका गया। करीब आधे घंटे तक इस मार्ग पर रेल सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे कार्यालय जाने वाले यात्रियों की लंबी कतारें स्टेशन पर देखने को मिलीं।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के इंजीनियरिंग और तकनीकी विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया। ट्रैक की स्थिति का निरीक्षण करने के बाद मिट्टी भरने और सुरक्षा जांच का काम किया गया, जिसके बाद धीरे-धीरे सेवाओं को सामान्य किया गया।
हालांकि, मानसून की पहली ही बारिश में ट्रैक के नीचे की मिट्टी बह जाने की घटना ने रेलवे प्रशासन की मानसून पूर्व तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर साल रेलवे की ओर से दावा किया जाता है कि बारिश के मौसम को देखते हुए विशेष निरीक्षण, ड्रेनेज सफाई और ट्रैक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, लेकिन पहली बारिश में ही ट्रैक की स्थिति बिगड़ने से इन दावों की पोल खुलती नजर आई।
यात्रियों का कहना है कि ट्रांस हार्बर लाइन नवी मुंबई और मुंबई के बीच लाखों लोगों की जीवनरेखा है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हैं, बल्कि रोजमर्रा की यात्रा को भी प्रभावित करती हैं। लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि मानसून के दौरान ट्रैक और ड्रेनेज सिस्टम की नियमित निगरानी की जाए और स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि भविष्य में यात्रियों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
