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दिघा के मोगली डैम में फिर मौत: एक हफ्ते में दूसरी डूबने की घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

दिघा के मोगली डैम में फिर मौत: एक हफ्ते में दूसरी डूबने की घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

नवी मुंबई: दिघा स्थित खांडी धरण, जिसे स्थानीय लोग मोगली डैम के नाम से जानते हैं, एक बार फिर दुखद घटना का गवाह बना है। सोमवार को तालाब के पानी में एक व्यक्ति का शव तैरता हुआ मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। लगातार दूसरी बार हुई इस डूबने की घटना ने प्रशासन की सुरक्षा तैयारियों और वादों पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, सुबह कुछ लोगों ने तालाब के बीचों-बीच पानी में एक शव तैरता हुआ देखा। शव काफी देर तक पानी में रहने के कारण फूल चुका था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मृतक की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

यह घटना इसलिए भी चिंता का विषय बन गई है क्योंकि महज एक सप्ताह पहले इसी मोगली डैम में ठाणे निवासी एक युवक की डूबने से मौत हुई थी। उस हादसे के बाद स्थानीय रहवासियों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई थी। लोगों का कहना था कि इस क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण बार-बार हादसे हो रहे हैं।

पिछली घटना के बाद नवी मुंबई महानगरपालिका की उपमहापौर सुजाता पाटील ने घटनास्थल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने डैम परिसर में सुरक्षा रक्षकों की नियुक्ति, चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाने और रेलवे प्रशासन की अनुमति लेकर सुरक्षा दीवार निर्माण की बात कही थी। लेकिन स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अभी तक जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दी है।

लगातार दूसरी मौत के बाद नागरिकों में भय और आक्रोश दोनों बढ़ गए हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि मोगली डैम के आसपास बड़ी संख्या में युवा, बच्चे और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था की कमी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है।

आरपीआई से जुड़े समाजसेवक सागर सोनकांबळे ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा रक्षक, लोहे की रेलिंग, सुरक्षा दीवार और चेतावनी बोर्ड लगाए गए होते तो शायद ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था। उन्होंने प्रशासन से इस क्षेत्र को संवेदनशील घोषित कर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

स्थानीय सामाजिक संगठनों का कहना है कि मोगली डैम पिछले कुछ वर्षों में कई हादसों का केंद्र बन चुका है। इसके बावजूद सुरक्षा संबंधी उपायों में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई गई है। अब एक सप्ताह के भीतर दो लोगों की मौत ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल पुलिस घटना की जांच में जुटी हुई है। मृतक की पहचान, मौत के कारणों और यह दुर्घटना थी या कोई अन्य मामला, इसकी जांच की जा रही है। वहीं स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि इस बार प्रशासन केवल आश्वासन तक सीमित न रहकर स्थायी और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था लागू करेगा, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपने प्रियजन को न खोना पड़े।


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