नवी मुंबई: सीबीडी बेलापुर सेक्टर-25 स्थित सीजीएस कॉलोनी (एकता विहार) में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से परेशान स्थानीय निवासियों ने नवी मुंबई महानगरपालिका प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए तत्काल समाधान की मांग की है। इस संबंध में सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व सचिव एवं स्थानीय निवासी अनुज कुमार पाण्डेय ने महानगरपालिका आयुक्त को ईमेल के माध्यम से विस्तृत शिकायत भेजी है।
निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे बच्चों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और स्कूली छात्रों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। कुत्तों के झुंड द्वारा राहगीरों का पीछा करना, अचानक भौंकना और कई बार आक्रामक व्यवहार करना आम बात हो गई है। इससे कॉलोनी में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
शिकायत में कहा गया है कि पिछले कई महीनों में दर्जनों शिकायतें महानगरपालिका को भेजी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। स्थानीय लोगों के अनुसार मनपा की डॉग स्क्वाड टीम ने कुछ समय पहले क्षेत्र का दौरा कर कुछ कुत्तों का टीकाकरण किया था, लेकिन उन्हें पुनः उसी स्थान पर छोड़ दिया गया। इससे नागरिकों में यह धारणा बन रही है कि कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित रह गई है।
निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि नसबंदी और नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था नहीं होने के कारण क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पार्क, खेल मैदान, सड़कें और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों का निर्भय होकर आना-जाना मुश्किल हो गया है।
शिकायत पत्र में सर्वोच्च न्यायालय में लंबित आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए महानगरपालिका से मांग की गई है कि क्षेत्र का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाए, आक्रामक और खतरनाक कुत्तों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान को तेज किया जाए। साथ ही नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई तो वे न्यायालय और अन्य सक्षम प्राधिकरणों का दरवाजा खटखटाने पर विचार करेंगे। नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना महानगरपालिका की जिम्मेदारी है और प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।
