नवी मुंबई : राज्य के पणन मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी किसानों को उनके कृषि उत्पाद का उचित मूल्य दिलाना है। इसके लिए फसल कटाई के बाद की पूरी मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस दिशा में कोल्ड स्टोरेज, गोदाम, कृषि उत्पन्न बाजार समितियां (APMC) तथा निर्यात से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं का तेजी से विकास किया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय स्तर की आधुनिक बाजारपेठों की स्थापना की योजना बनाई जा रही है। सरकार भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की कृषि बाजार व्यवस्था विकसित करने के लिए भी प्रयासरत है।
रावल ने जानकारी दी कि आने वाले समय में लगभग 1100 से 1200 एकड़ क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी मार्केट कमेटी महाराष्ट्र में स्थापित करने का संकल्प लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) से की जाएगी, जो आर्थिक रूप से कई देशों के बराबर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखता है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से किसान, व्यापारी, हमाल, परिवहनकर्ता, ड्राइवर सहित कृषि विपणन से जुड़े सभी घटकों को लाभ मिलेगा और एक आधुनिक, सक्षम तथा वैश्विक स्तर की बाजार व्यवस्था तैयार होगी।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मंत्री रावल ने स्पष्ट किया कि प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यक्षमता बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। इस संबंध में मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेतृत्व के साथ चर्चा कर सख्त कदम उठाए जाएंगे। नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा और किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा जानबूझकर की गई गलती पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पदभार संभालने के बाद उन्होंने विभाग के अधिकारियों के साथ पहली बैठक में ही स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन के हर स्तर पर अनुशासन और नियमों का पालन अनिवार्य होगा। लंबे समय से चली आ रही कार्यप्रणाली में सुधार के लिए ठोस और कड़े निर्णय लिए जाएंगे, ताकि प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाया जा सके।
