नवी मुंबई: नवी मुंबई के कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से नलों से मटमैला और गंदा पानी आने की शिकायतों ने नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नवी मुंबई महानगरपालिका हरकत में आ गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए महापौर सुजाता पाटील स्वयं मैदान में उतरीं और नेरुल क्षेत्र के जल आपूर्ति तंत्र का विस्तृत निरीक्षण किया।
महापौर ने संबंधित अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जल विभाग के कर्मचारियों के साथ नेरुल स्थित जल आपूर्ति एवं मल-निस्सारण केंद्र का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जल वितरण प्रणाली की स्थिति, पाइपलाइन नेटवर्क और पानी की गुणवत्ता से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। नागरिकों की ओर से प्राप्त शिकायतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सेक्टरों में घर-घर जाकर पानी के नमूने एकत्र किए गए और उन्हें प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा गया।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार कई क्षेत्रों में पानी के रंग और गुणवत्ता को लेकर लोगों ने चिंता व्यक्त की थी। कुछ स्थानों पर पानी में गंदगी और मटमैलापन दिखाई देने की शिकायतें सामने आई थीं। इसके चलते पालिका प्रशासन ने वैज्ञानिक तरीके से पानी की जांच कराने का निर्णय लिया है ताकि समस्या के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
महापौर सुजाता पाटील ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को जल आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी रखने, पाइपलाइन नेटवर्क की नियमित जांच करने और संभावित तकनीकी खामियों को तत्काल दूर करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि नवी मुंबई के नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना महानगरपालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि कहीं भी जल आपूर्ति व्यवस्था में तकनीकी समस्या या दूषित पानी की स्थिति पाई जाती है तो संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई करनी होगी।
इस बीच महानगरपालिका प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में भी गंदे पानी की समस्या दिखाई देती है तो वे तत्काल संबंधित वार्ड कार्यालय या हेल्पलाइन पर इसकी जानकारी दें। प्रशासन का कहना है कि सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाएगा।
जल नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि पानी के मटमैलेपन के पीछे पाइपलाइन लीकेज, तकनीकी खराबी, जल स्रोत में बदलाव या कोई अन्य कारण जिम्मेदार है। फिलहाल पालिका प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और नागरिकों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
