नवी मुंबई : एशिया की सबसे बड़ी कृषि मंडियों में शामिल मुंबई कृषि उत्पन्न बाजार समिति (APMC) ने मार्केट में हो रहे अवैध कृषि व्यापार, बाजार शुल्क चोरी और आवक-जावक में हो रही अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। फल और सब्जी मार्केट में विशेष अभियान शुरू कर प्रशासन ने बाजार व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, अनुशासित और नियमबद्ध बनाने पर जोर दिया है।
पणन मंत्री जयकुमार रावल के नेतृत्व में पणन सचिव प्रवीण दराडे, पणन संचालक एवं मुंबई APMC सचिव शरद जरे के मार्गदर्शन में यह विशेष मोहीम शुरू की गई है।
25 दिनों में 1.40 करोड़ रुपये की वसूली
फल मार्केट के जावक गेट पर 15 अप्रैल से विशेष सतर्कता दल तैनात किया गया था। महज 25 दिनों में करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये की बाजार शुल्क वसूली की गई, जबकि शुल्क संग्रह में लगभग 60 लाख रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इसके बाद अब जावक गेट पर सीधे शुल्क वसूली की व्यवस्था बंद करने की मांग भी तेज हो गई है।
मापाड़ी कर्मचारियों को गेट से हटाकर गाळों पर भेजा गया
APMC प्रशासन ने फल मार्केट के मापाड़ी कर्मचारियों को जावक गेट पर वाहन जांच के काम से हटाकर फिर से गाळों पर नियमित ड्यूटी करने के आदेश जारी किए हैं।
अब मापाड़ी कर्मचारियों को कृषि माल की आवक दर्ज करना,बाजार भाव की जानकारी संकलित करना,तोल और बिक्री का रिकॉर्ड रखना,गाळों पर आए माल की नोंद करना,दैनिक तोलाई पत्रक बाजार समिति को सौंपना
जैसे कार्य अनिवार्य रूप से करने होंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांदा-बटाटा मार्केट की तरह ही फल मार्केट में भी व्यवस्थित और पारदर्शी प्रणाली लागू की जाएगी।
कानून क्या कहता है?
महाराष्ट्र कृषि उत्पन्न पणन (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1963 तथा नियम 1967 के तहत मापाड़ी कर्मचारियों को लाइसेंस प्रदान किए गए हैं। कानून के अनुसार बाजार में वजन, रिकॉर्ड और व्यापारिक जानकारी को पारदर्शी बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है।
आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
बाजार समिति प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेशों का पालन नहीं करने वाले मापाड़ी कर्मचारियों पर महाराष्ट्र कृषि उत्पन्न पणन अधिनियम और बाजार समिति के नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
APMC प्रशासन के इस नए फैसले से फल और सब्जी मार्केट में चल रहे अवैध व्यापार और शुल्क चोरी पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं व्यापारी और किसान वर्ग में इस कार्रवाई को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
