नवी मुंबई : नवी मुंबई महानगरपालिका द्वारा वाशी सेक्टर-14 स्थित विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र में शुरू किया गया 50 बेड क्षमता वाला अत्याधुनिक डायलिसिस सेंटर अब किडनी मरीजों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया है। महाराष्ट्र के सबसे बड़े मनपा डायलिसिस सेंटर का निरीक्षण करते हुए आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस सुविधा की जानकारी अधिक से अधिक जरूरतमंद नागरिकों तक पहुंचाई जाए।
डॉ. शिंदे ने कहा कि निजी अस्पतालों में डायलिसिस का खर्च आम नागरिकों के लिए काफी महंगा साबित होता है। ऐसे में मनपा की यह पहल गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी। उन्होंने बताया कि शहर में बढ़ते मधुमेह और किडनी रोगों को देखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मनपा प्रशासन के अनुसार इस सेंटर के साथ वाशी, नेरुल, ऐरोली और सीबीडी बेलापुर स्थित अस्पतालों में भी डायलिसिस बेड उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे कुल 85 बेड की सुविधा नागरिकों को मिल रही है। जनवरी से शुरू हुई इस सेवा का लाभ अब तक एक हजार से अधिक मरीज उठा चुके हैं।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने राष्ट्रीय कुटुंब स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) अंतर्गत चल रहे एनसीडी अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की जांच कर मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, कैंसर, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का शुरुआती स्तर पर पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि वाशी सार्वजनिक अस्पताल में जल्द ही एमआरआई, कैथलैब, सीएसएसडी, मॉड्यूलर मॉर्च्युरी और मिल्क बैंक जैसी नई स्वास्थ्य सुविधाएं शुरू की जाएंगी, जिससे नवी मुंबई की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था और मजबूत होगी।
