नवी मुंबई : एपीएमसी मसाला मार्केट में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है। बाजार में अवैध कारोबार और नियमों के उल्लंघन के मामलों के बावजूद केवल कुछ दुकानों पर कार्रवाई किए जाने से प्रशासन की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। व्यापारियों का आरोप है कि नियमों का पालन करवाने के नाम पर चुनिंदा दुकानदारों को ही निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अन्य लोगों को खुली छूट दी जा रही है।
जानकारी के अनुसार मसाला मार्केट की एफ गली के पास स्थित एक लाइसेंसधारी फरसान दुकान पर फल बिक्री को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई की। लेकिन उसी क्षेत्र में दूसरी दुकानों पर खुलेआम नारियल और अन्य सामान की बिक्री जारी है, जिन पर अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। इसको लेकर व्यापारियों ने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
मार्केट के दुकानदारों का कहना है कि यदि किसी प्रकार का व्यवसाय नियमों के विरुद्ध है तो सभी पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। केवल कुछ दुकानों पर सख्ती दिखाने से बाजार में भ्रम और असंतोष का माहौल पैदा हो रहा है। कई व्यापारियों ने यह भी दावा किया कि मार्केट में लंबे समय से अवैध स्टॉल और अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है, लेकिन प्रशासन इन मामलों में प्रभावी कदम उठाने में विफल रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि एपीएमसी जैसे बड़े बाजार में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है। यदि प्रशासन एक समान नीति लागू नहीं करता, तो इससे छोटे व्यापारियों का विश्वास टूटेगा और बाजार व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।
स्थानीय व्यापारियों और दुकानदार संगठनों ने मांग की है कि पूरे मार्केट में नियमों का एक समान पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार के भेदभाव से बचते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि प्रशासन को सभी अवैध कारोबारों के खिलाफ समान रूप से अभियान चलाना चाहिए, ताकि बाजार में अनुशासन और भरोसा कायम रह सके।
