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नवी मुंबई में अदालत का बड़ा संदेश : हत्या और मानव तस्करी मामलों में दोषियों को कड़ी सजा

नवी मुंबई में अदालत का बड़ा संदेश : हत्या और मानव तस्करी मामलों में दोषियों को कड़ी सजा

नवी मुंबई : नवी मुंबई में दर्ज दो सनसनीखेज आपराधिक मामलों में बेलापुर स्थित जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों को कठोर सजा सुनाई है। हत्या और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में आए इस फैसले को नवी मुंबई पुलिस की मजबूत जांच, तकनीकी सबूतों और प्रभावी कानूनी पैरवी की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अदालत के फैसले के बाद पुलिस विभाग ने इसे कानून व्यवस्था के प्रति भरोसा मजबूत करने वाला कदम बताया है।

पहला मामला वर्ष 2017 में रबाले एमआईडीसी पुलिस थाने में दर्ज हत्या प्रकरण से जुड़ा है। इस मामले में आरोपी अखिलेश चंद्रलाल गुप्ता (28) को अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद और सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यदि आरोपी जुर्माना भरने में असफल रहता है तो उसे अतिरिक्त एक माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा।

पुलिस के अनुसार, इस मामले की जांच तत्कालीन सहायक पुलिस निरीक्षक चंद्रकांत काटकर ने की थी। जांच के दौरान घटनास्थल से जुटाए गए सबूत, गवाहों के बयान, पंचनामा और तकनीकी प्रमाणों को अदालत में मजबूती से पेश किया गया। सरकारी पक्ष की प्रभावी दलीलों और पुलिस की सटीक जांच के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई।

दूसरा मामला मानव तस्करी और नाबालिग लड़की पर अत्याचार से संबंधित है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। वर्ष 2019 में दर्ज इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 370 और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। अदालत ने आरोपी राजेश सोनाजी शिंदे (42) और शुभांगी सोनाजी शिंदे (37) को दोषी ठहराते हुए दोनों को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

अदालत ने दोनों आरोपियों पर 33-33 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोनों को अतिरिक्त छह माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा। आरोपी राजेश सोनाजी शिंदे फिलहाल तलोजा जेल में बंद है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मानव तस्करी और पॉक्सो जैसे संवेदनशील मामलों में जांच टीम ने पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, तकनीकी सबूत और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज अदालत के समक्ष मजबूती से पेश किए। सरकारी वकीलों, पैरवी अधिकारियों और जांच अधिकारियों के समन्वित प्रयासों के चलते अदालत में अपराध साबित करने में सफलता मिली।

नवी मुंबई पुलिस आयुक्तालय ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस आयुक्तालय ने स्पष्ट किया कि हत्या, महिला अत्याचार, मानव तस्करी और बच्चों के खिलाफ अपराधों के मामलों में प्रभावी जांच और मजबूत कानूनी कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष जांच से अपराधियों में कानून का डर बढ़ता है और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है। अदालत के इन फैसलों को नवी मुंबई में कानून व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


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