नवी मुंबई : मुंबई कृषि उपज बाजार समिति (APMC) की कांदा, बटाटा और लहसुन मार्केट में इन दिनों गंदगी का गंभीर संकट देखने को मिल रहा है। एशिया की सबसे बड़ी कृषि मंडियों में शुमार इस बाजार में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है, जिससे व्यापारियों और कामगारों में नाराजगी बढ़ रही है।
बाजार परिसर में जगह-जगह कचरा कुंडियां ओवरफ्लो हो रही हैं। कई स्थानों पर कचरा कुंडियों के बाहर ही कचरा फेंका जा रहा है, जिससे पूरे इलाके में तेज बदबू फैल गई है। हालात ऐसे हैं कि व्यापारियों, हमालों और आम नागरिकों को नाक बंद करके बाजार में आना-जाना पड़ रहा है।
सबसे खराब स्थिति लिलाव (नीलामी) हॉल की बताई जा रही है। व्यापारी मनोहर तोतलानी के अनुसार, गर्मी के चलते प्याज और आलू जैसे कृषि उत्पाद तेजी से खराब हो रहे हैं। खराब माल को तुरंत हटाना जरूरी होता है, लेकिन कई बार यह 2 से 3 दिनों तक वहीं पड़ा रहता है। इससे सड़न, दुर्गंध और अस्वच्छ वातावरण बन रहा है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।
व्यापारियों का आरोप है कि बाजार समिति द्वारा नियमित सफाई व्यवस्था की अनदेखी की जा रही है, जिससे मंडी से जुड़े हजारों लोग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
???? प्रमुख मांगें:
कचरे की रोजाना और समय पर सफाई सुनिश्चित की जाए
नीलामी हॉल सहित पूरे परिसर में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाया जाए
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
बाजार की बिगड़ती हालत को देखते हुए अब प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
