नवी मुंबई: तुर्भे MIDC फॉरेस्ट क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे केबल जलाने और धातु निकालने के बड़े रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी विजय सहित कुल 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से करोड़ों रुपये के MTNL, BEST, TATA और Adani के केबल जब्त किए गए हैं।
यह बड़ी कार्रवाई नवी मुंबई पुलिस के DCP पंकज दहाने के नेतृत्व में की गई। ऑपरेशन में राबाले MIDC पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर वाघमारे और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल फॉरेस्ट इलाके में छापेमारी की।
फॉरेस्ट एरिया में चल रहा था अवैध धंधा
छापेमारी के दौरान पुलिस ने पाया कि करीब 50,000 स्क्वायर फीट क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर केबल जलाए जा रहे थे। इन केबलों को जलाकर उनमें से कॉपर और एल्युमिनियम निकाला जा रहा था। मौके पर भारी मात्रा में MTNL समेत अन्य कंपनियों के केबल मिले।
क्षेत्राधिकार को लेकर भ्रम, फिर भी हुई कार्रवाई
शुरुआती जांच में राबाले MIDC पुलिस ने बताया कि यह क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, बल्कि तुरभे पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है। इसके बाद तुरभे पुलिस को सूचित किया गया, जिसने मौके पर पहुंचकर सभी आरोपियों को हिरासत में लिया और जब्त सामग्री को थाने ले जाया गया। फिलहाल मामले में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
बड़ी मात्रा में सामान जब्त
पुलिस ने इस कार्रवाई में 3 टेम्पो, 3 स्कूटी, 31 मोबाइल फोन और भारी मात्रा में केबल बरामद किए हैं। जब्त केबल की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
मुख्य आरोपी विजय का बड़ा नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी विजय लंबे समय से केबल चोरी के बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहा था। वह खुद को प्रभावशाली बताकर दावा करता था कि उसकी पहुंच बड़े अधिकारियों तक है और वह बिना डर के मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में अपना काम करता है।
टेंडर के नाम पर चोरी का खेल
जांच में यह भी सामने आया है कि विजय केबल रिकवरी के नाम पर टेंडर का हवाला देता था। आरोप है कि वह लगभग 70% केबल चोरी कर लेता था और केवल थोड़ा हिस्सा ही संबंधित विभाग में जमा करता था। इस मामले में कुछ कथित भ्रष्ट अधिकारियों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है।
200 करोड़ से ज्यादा की चोरी का अंदेशा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विजय अब तक मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में 200 करोड़ रुपये से अधिक के केबल चोरी कर चुका है। यह आंकड़ा जांच के साथ और बढ़ सकता है।
कुर्ला से जुड़ा सप्लाई नेटवर्क
इस रैकेट में कुर्ला वायर गली निवासी वाहिद नाम का व्यक्ति भी शामिल बताया जा रहा है, जो अलग-अलग टेम्पो के जरिए कबाड़ व्यापारियों से केबल इकट्ठा कर फॉरेस्ट क्षेत्र तक पहुंचाता था। विजय के नेटवर्क में 50 से ज्यादा लोग सक्रिय थे।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
इतना बड़ा अवैध रैकेट पिछले करीब दो वर्षों से चल रहा था, जिससे फॉरेस्ट विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर निगरानी की कमी भी उजागर हुई है।
मंत्री और लीज का दावा, जांच जारी
विजय का दावा था कि उसे किसी मंत्री के माध्यम से यह जमीन लीज पर मिली है और उसे उच्च स्तर का संरक्षण प्राप्त है। हालांकि, पुलिस इन दावों की सच्चाई की जांच कर रही है।
