नवी मुंबई। तुर्भे स्टोअर चौक पर सड़क पार करना लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। ठाणे-बेलापुर मार्ग पर सोमवार सुबह तेज रफ्तार कंटेनर की टक्कर से 45 वर्षीय छाया गायकवाड़ की मौत हो गई। इस हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों में आक्रोश है। वहीं, करीब 41 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित फ्लाईओवर का काम वर्षों से अधूरा रहने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
शिवसेना के नगरसेवक सुरेश कुलकर्णी ने घटना पर नाराजगी जताते हुए मृत महिला के परिवार को आर्थिक सहायता देने और तुर्भे स्टोअर परिसर में तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि फ्लाईओवर का काम लंबित रहने के कारण नागरिकों को आखिर कब तक अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ेगी।
पांच साल से अधूरा फ्लाईओवर
तुर्भे स्टोअर में यातायात की समस्या दूर करने के लिए वर्ष 2019 में लगभग 560 मीटर लंबे चार लेन के फ्लाईओवर को मंजूरी दी गई थी। करीब 41 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट का ठेका महावीर रोड्स एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था। हालांकि, एमआईडीसी की सीवर लाइन, डिजाइन संबंधी समस्याओं और प्रशासनिक देरी के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। नए डिजाइन को आईआईटी मुंबई की मंजूरी मिलने के बावजूद काम में तेजी नहीं आने की शिकायत स्थानीय नागरिक कर रहे हैं।
पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले 15 वर्षों में इस परिसर में सड़क हादसों के कारण 30 लोगों की मौत और 70 से अधिक लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। नवंबर 2024 में भी नागरिकों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर महानगरपालिका आयुक्त को ज्ञापन सौंपा था। इसके बावजूद सुरक्षित सड़क पार करने की व्यवस्था का सवाल कायम है।
इस मार्ग से रोजाना गुजरने वाले स्कूली बच्चों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और कामगारों को तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पार करनी पड़ती है। स्थानीय निवासी कृष्ण मंजुलकर ने हादसे पर नाराजगी जताई, जबकि शिवसेना विभाग प्रमुख दीपेश शिंदे ने प्रशासन से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की।
मुआवजा और तत्काल सुरक्षा उपायों की मांग
छाया गायकवाड़ की मौत के बाद सुरेश कुलकर्णी ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने के साथ ही पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग, प्रभावी यातायात नियंत्रण और फ्लाईओवर का काम युद्धस्तर पर पूरा करने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि 41 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी होने में और कितना समय लगेगा? प्रशासन अस्थायी सुरक्षित मार्ग कब उपलब्ध कराएगा और मृत महिला के परिवार को सहायता देने के संबंध में क्या निर्णय लिया जाएगा?
तुर्भे स्टोअर की यह घटना केवल अधूरे विकास कार्य का मामला नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल है। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि महानगरपालिका प्रशासन हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए और फ्लाईओवर पूरा करने की निश्चित समयसीमा घोषित करे।
