मुंबई ।भारत का सर्वोच्च न्यायालय ने 27 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण फैसले में बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा तीन सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) कर्मियों को दी गई अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया। यह मामला मुंबई सेंट्रल रेलवे टर्मिनस पर एक यात्री से कथित उगाही से जुड़ा है।
मामले के अनुसार, आरोप है कि GRP के इन कर्मियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक यात्री से अवैध रूप से पैसे वसूले। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था संभालने वाले अधिकारियों द्वारा इस प्रकार के गंभीर आरोपों को हल्के में नहीं लिया जा सकता और ऐसे मामलों में गहन जांच आवश्यक है।
वहीं, विभागीय जांच के बाद तीनों आरोपित GRP कर्मियों को सेवा आचरण नियमों के तहत पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई आरोपों की गंभीरता और पुलिस की छवि को ध्यान में रखते हुए की गई है।
यह मामला एक बार फिर से मुंबई जैसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों पर तैनात पुलिस बल की जवाबदेही और आचरण पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, मामले की आगे की जांच जारी है।
