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मानसून से पहले मुंबई पर ‘समुद्री संकट’ का साया, हाई टाइड और मूसलधार बारिश का खतरनाक मेल, 24 बार उफान मारेगा समंदर

मानसून से पहले मुंबई पर ‘समुद्री संकट’ का साया, हाई टाइड और मूसलधार बारिश का खतरनाक मेल, 24 बार उफान मारेगा समंदर

मुंबई।

Mumbai में इस बार मानसून केवल बारिश ही नहीं, बल्कि समुद्र के बढ़ते खतरे की भी बड़ी चेतावनी लेकर आ रहा है। मौसम विशेषज्ञों और प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, आगामी मानसून सीजन में मुंबई के समुद्र में 24 बार बेहद ऊंची और खतरनाक लहरें उठने की संभावना है। इन लहरों की ऊंचाई 4.5 मीटर से अधिक रहेगी, जिससे शहर के तटीय और निचले इलाकों में जलभराव तथा बाढ़ का खतरा काफी बढ़ सकता है।

सबसे गंभीर स्थिति 16 जुलाई को बनने की आशंका जताई गई है, जब दोपहर 1:36 बजे समुद्र में लगभग 4.89 मीटर यानी करीब 16 फीट ऊंची लहरें उठेंगी। इसके अलावा जून, अगस्त और सितंबर में भी कई दिनों तक समुद्र में तेज ज्वार आने की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन का कहना है कि यदि हाई टाइड के दौरान भारी बारिश होती है, तो शहर का ड्रेनेज सिस्टम प्रभावित हो सकता है और कई इलाकों में पानी भर सकता है।

मुंबई में हर साल मानसून के दौरान समुद्र का जलस्तर बढ़ने से आम जनजीवन प्रभावित होता है, लेकिन इस बार स्थिति अधिक गंभीर मानी जा रही है। खासकर समुद्र किनारे स्थित इलाकों, निचले भागों और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी। दक्षिण मुंबई, वर्ली, दादर, जुहू, बांद्रा और समुद्र से जुड़े अन्य क्षेत्रों में प्रशासन ने विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

मनपा अधिकारियों ने बताया कि हाई टाइड के दौरान समुद्र का पानी नालों के जरिए बाहर जाने वाले वर्षा जल के बहाव को रोक देता है। ऐसे में थोड़ी देर की तेज बारिश भी सड़कों पर भारी जलभराव का कारण बन सकती है। इसी खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग, तटरक्षक दल और अन्य एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार अरब सागर में लगातार बदलते मौसम और बढ़ते तापमान के कारण समुद्री गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। जलवायु परिवर्तन का असर अब मुंबई जैसे तटीय शहरों पर साफ दिखाई देने लगा है। यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में हाई टाइड और अचानक भारी बारिश की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि हाई टाइड के दौरान समुद्र किनारे जाने से बचें, बच्चों को अकेले बीच पर न भेजें और मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट पर लगातार नजर रखें। मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

इन दिनों रहेगा सबसे ज्यादा खतरा

जून

15 जून – 4.80 मीटर

16 जून – 4.87 मीटर

17 जून – 4.86 मीटर

जुलाई

15 जुलाई – 4.85 मीटर

16 जुलाई – 4.89 मीटर

17 जुलाई – 4.83 मीटर

अगस्त

13 अगस्त – 4.81 मीटर

14 अगस्त – 4.83 मीटर

15 अगस्त – 4.73 मीटर

सितंबर

13 सितंबर – 4.51 मीटर

28 सितंबर – 4.51 मीटर

29 सितंबर – 4.59 मीटर

30 सितंबर – 4.56 मीटर

मुंबई में मानसून का रोमांच इस बार डर में भी बदल सकता है। ऐसे में प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लेना और सतर्क रहना बेहद जरूरी माना जा रहा है।


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