मुंबई।
मुंबई में एक बार फिर ‘बोलबच्चन’ यानी मीठी-मीठी बातों में फंसाकर ठगी करने का मामला सामने आया है। इस बार शिकार बने 71 वर्षीय बुजुर्ग, जिन्हें दो अज्ञात आरोपियों ने चालाकी से अपने जाल में फंसाकर उनकी सोने की चेन उड़ा ली। हालांकि, सतर्कता और शोर मचाने की वजह से एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि उसका साथी फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया।
घटना दिनांक 30 मार्च 2026 की सुबह करीब 11 बजे की है। शिकायतकर्ता श्री जोसेफ सी. ए. फर्नांडीस (71 वर्ष) गौरीशंकर मिठाई की दुकान के पास पैदल जा रहे थे। तभी उनके पास दो अज्ञात व्यक्ति आए और बातचीत शुरू कर दी। एक आरोपी ने उन्हें पहचानने का नाटक करते हुए कहा, “तू राजू का भाई है ना? चल चाय पीते हैं”।
जब फर्नांडीस ने उन्हें पहचानने से इनकार किया, तो दूसरे आरोपी ने अपने साथी की बात को और पुख्ता करते हुए कहा कि वह बहुत बड़ा आदमी है और पास की मिठाई की दुकान भी उसी की है। इस तरह दोनों ने मिलकर बुजुर्ग को भ्रमित कर दिया।
इसके बाद आरोपियों ने चालाकी से उनके हाथ की थैली चेक करने का बहाना बनाया और कहा कि उनकी सोने की चेन सुरक्षित रखने के लिए बैग में रख दी जाए। उन्होंने चेन उतारकर रखने का नाटक किया, लेकिन वास्तव में चेन चुरा ली।
जब फर्नांडीस को शक हुआ और उन्होंने बैग चेक किया, तो चेन गायब थी। उन्होंने तुरंत शोर मचाया, जिससे आसपास के लोगों की मदद से एक आरोपी को पकड़ लिया गया, जबकि दूसरा आरोपी 12 ग्राम सोने की चेन और पेंडेंट लेकर फरार हो गया।
इस मामले में भोईवाडा पुलिस स्टेशन में गुन्हा क्रमांक 129/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर फरार आरोपी की पहचान नरेश उर्फ नऱ्या विजयकुमार जायसवाल (40 वर्ष) के रूप में की। उसकी लोकेशन कल्याण में मिलने पर पुलिस ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी नरेश जायसवाल एक शातिर अपराधी है और उसके खिलाफ मुंबई के विभिन्न पुलिस थानों में कुल 59 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती के मार्गदर्शन में की गई। उनके साथ सह आयुक्त सत्यनारायण चौधरी, अतिरिक्त आयुक्त विक्रम देशमाने, पुलिस उपायुक्त रागसुधा आर, सहायक पुलिस आयुक्त घनश्याम पलंगे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दत्तात्रय ठाकूर के नेतृत्व में टीम ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए इस मामले का खुलासा किया।
इस ऑपरेशन में पुलिस निरीक्षक महाडीक, जांच अधिकारी सचिन बोरसे सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस की अपील:
पुलिस ने नागरिकों, खासकर बुजुर्गों से अपील की है कि वे अनजान लोगों की बातों में न आएं और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
